24.May.25
वीकेंड की यह सुबह। मेरे बैग में कुछ किताबें, एक कलम और कुछ कोरे पन्ने। सुबह की ताज़ी हवा, नींद में ऊंघते से पेड़ और ज़मीन की सोंधी खुशबू। पैदल…
वीकेंड की यह सुबह। मेरे बैग में कुछ किताबें, एक कलम और कुछ कोरे पन्ने। सुबह की ताज़ी हवा, नींद में ऊंघते से पेड़ और ज़मीन की सोंधी खुशबू। पैदल…
डियर X, यह चिट्ठी लिखते हुए मैं एक बस यात्रा में हूँ। डबल डेकर बस में खिड़की के पास बैठा मैं सिंगापुर के इस खूबसूरत लैंडस्केप को देखता हूँ। मन…
डिअर X, सिंगापुर इतना सलीके से बसाया हुआ देश है, कि सड़कों, चौराहों, पार्कों, बाज़ारों, घरों को निहारते हुए — सब कुछ एक ही जैसे दिखते हैं।बस से चारों तरफ़…
डिअर X, मैं एक कॉफ़ी हाउस में बैठा हूँ। यह कॉफ़ी हाउस किसी बागीचे के बीचोबीच है। इस कॉफ़ी हाउस का यह नीरव कोना मुझे प्रिय है। यहाँ से लोग…
डिअर X, कुछ दुख ऐसे होते हैं जो उम्र भर साथ चलते हैं। समय भी उन्हें पूरी तरह नहीं सोख पाता। "जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है"—ये…
डिअर X, मेरे सामने एक छोटी सी नदी बह रही है। इसका पानी मुझे बहते हुए समय की याद दिलाता है। और इस पानी का जो उतार चढाव है, इस…
Dear X, मन कई बार इस बात की तफ़तीश करता है कि मेरे लिए आखिर ख़ुशी के क्षण कौन से होते हैं? वे कौन सी स्मृतियाँ हैं , जब मन…
Dear X, यह चिट्ठी जब मैं लिख रहा हूँ, यहाँ पूर्णिमा की रात है। झिंगुर की आवाज़े हैं। हवाओं में हल्की बूंदाबादी की नमी है। खिड़की पर चाँद पीले फूल…
Dear X, जहाँ बैठकर मैं तुम्हे यह चिठ्ठी लिख रहा हूँ, मार्च अप्रैल की सफेद मुलायम नर्म धूप मेरे चेहरे पर लकीरें बना रही है। धूप का इतना सुकूनदेह स्वरूप…
Dear X, इन दिनों यहाँ खूब बारिश हो रही है। इस निर्जन सी रात की बेला में , जब मैं यह चिट्ठी लिख रहा हूँ, तेज़ हवाएं, कड़कड़ती बिजली और…