11. Jan. 2025

Dear X, एक और साल गुज़र गया। अच्छा-बुरा जैसा भी था, गुज़र गया। साल दर साल बस एक ही बात पुख्ता होती जा रही है कि सबकुछ गुज़र जाता है।…

Continue Reading11. Jan. 2025

04. Jan. 2025

Dear X,हम सबका एक समय होता है और हम सब उस समय में कितने बुद्धिमान या सुंदर या शक्तिशाली होते हैं।  पर कमबख्त , समय की यह सिन्दूरी नदी हमेशा…

Continue Reading04. Jan. 2025