22.March.2025
प्रिय बेटे! बचपन में मैंने ट्रेन की खिड़की के पास बैठे कितनी यात्राएं की हैं। रात के वक्त जब बड़े सो जाते, तब चुपचाप उस खिड़की से चाँद को तकते…
प्रिय बेटे! बचपन में मैंने ट्रेन की खिड़की के पास बैठे कितनी यात्राएं की हैं। रात के वक्त जब बड़े सो जाते, तब चुपचाप उस खिड़की से चाँद को तकते…
Dear X, टेसू, चैती, फाग, गुझिया, अबीर, गुलाल। फ़िज़ाओं में इन शब्दों के रंग बिखर गए हैं। हिंदी में इस महीने को फागुन कहते हैं। मैं जहाँ जन्मा, वहाँ फागुन…
Dear X, आज स्त्री दिवस है। चारो तरफ इस बारे में लोगों के विचार और जागरूकता देखकर अच्छा लग रहा है। मेरे शहरी जीवन के एक मित्र इस बात से…
Dear X, कहते हैं कोई काम आप २१ दिन तक करेंगे तो उसकी आदत हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि २१ की संख्या को किस सूत्र से निकाला गया होगा …
Dear X, कहते हैं कोई काम आप २१ दिन तक करेंगे तो उसकी आदत हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि २१ की संख्या को किस सूत्र से निकला गया ,…
Dear X, इन दिनों जब मैं चारो तरफ नजरें घुमा कर देखता हूँ तो प्रकृति कुछ ज्यादा ही सजी संवरी नज़र आती है। रातें थोड़ी और उजली होने लगी हैं।…
Dear X, फ़िज़ाओं में बसंत की आहट आ चली है। मैं अकेले घूमते हुए प्रकृति में बिखरे सौंदर्य को निरखता हूँ। पेड़ों पर खिले रंग बिरंगे गुच्छेदार फूल देखकर लगता…
Dear X, मैं यह खुशफ़हमी पाल लेना चाहता हूँ कि अब तुम्हे हर वीकेंड, मेरी इन चिट्ठियों की प्रतीक्षा रहा करती होगी। इन चिट्ठियों में , मैं ऐसी कई बातें…
Dear X, उम्मीद है कि मेरी वीकेंड वाली चिट्ठियाँ तुम तक पहुँच रही होंगी। यहाँ मौसम अच्छा है। बारिश है, हवाएं हैं, हरियाली है और न जाने कितना कुछ है…
Dear X, मुझे बचपन से याद है कि भौतिक वस्तुएं कभी नहीं आकर्षित करती रही। वे हमेशा सिर्फ ज़रुरत भर की लगी। मिडिल क्लास परिवार में भौतिक वस्तुओं के प्रति…